#DELHI में पर्यावरण के गिरते स्तर को रोकने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कामयाबी नहीं मिल रही. हालांकि अब इस दिशा में एक और बड़ा प्रयास किए जाने की तैयारी चल रही है. दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले निजी वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पार्किंग चार्ज को बेहद महंगा करने पर विचार किया जा रहा है.
पार्किंग को लेकर एक फॉर्मूला तैयार किया है जिसके मुताबिक कनॉट प्लेस जैसे बेहद लोकप्रिय इलाकों में पार्किंग करना बेहद महंगा हो जाएगा. इस फॉर्मूला के अनुसार, कनॉट प्लेस (सीपी) जैसे लोकप्रिय इलाकों में कामकाजी दिन के समय 10 घंटे की पार्किंग के 1000 रुपये तक वसूले जा सकते हैं. हालांकि यह सुझाव है और इस पर अनुमति मिलना बाकी है.
एक घंटे के लिए 60 रुपये
एक अफसर के अनुसार, इस आधार पर एक घंटे के लिए 60 रुपये की पार्किंग फीस देनी पड़ सकती है. अगर 5 से 6 घंटे के लिए गाड़ी पार्क करनी पड़ी तो 500 से 700 रुपये और 10 घंटे के लिए करीब 1000 रुपये का भुगतान करना पड़ सकता है. ऑन स्ट्रीट पार्किंग चार्ज, ऑफ स्ट्रीट और सस्ती जगहों की तुलना में महंगी होगी.
ऑन स्ट्रीट पार्किंग चार्ज ऑफ स्ट्रीट की तुलना में शुरुआती घंटे में दोगुना से भी महंगा हो सकता है, और फिर यह चार्ज घंटे के हिसाब से बढ़ता जाएगा. पहले घंटे के बाद अगले 2 घंटे की पार्किंग के लिए डेढ़ गुना और 3 से 5 घंटे के लिए 1.7 गुना और 5 घंटे के लिए दोगुना चार्ज लिया जा सकता है. प्रशासन ने सुबह 9 बजे से 11 बजे और शाम को 5 बजे से 8 बजे तक पीक आवर्स मानती है और इस दौरान पार्किंग चार्ज आम समय की तुलना में दोगुना होगा.
सुझावों को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया
बेस पार्किंग फी कमिटी ने पार्किंग और अन्य चीजों को लेकर सोमवार को पहली बैठक की थी. हालांकि तैयार सुझावों को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया. कनॉट प्लेस के अलावा सरोजनी नगर, लाजपत नगर, आईएनए और कमला नगर जैसे बेहद चर्चित इलाके हैं जहां काफी भीड़ होती है और भीड़ के कारण इन जगहों पर लगातार जाम की स्थिति बनी होती है.
कमिटी को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अगुवाई वाली शीर्ष मॉनिटरिंग कमिटी को रिपोर्ट सौंपना है, जिसे इस पर फैसला लेना है. पार्किंग की बेस फीस चार पहिया के लिए 10 रुपये और दुपहिया के लिए 5 रुपये रखा जा सकता है. बेस फीस तो कम रखा गया है, लेकिन पार्किंग चार्ज जाम, जगह और व्यस्त समय के आधार पर बदलते जाएंगे.